प्रदेश के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार बदलाव हो रहा है।अलग-अलग रेल रूटों पर विद्युतीकरण और दोहरीकरण का काम चल रहा है। इसी कड़ी में जमालपुर- खगड़िया रेल खंड पर 14 किलोमीटर है कल रेल लाइन का दोहरीकरण किया जाएगा। रेल लाइन के दोहरीकरण के लिए सर्वे काम जल्दी शुरू किया जाएगा। सर्वे के लिए रेलवे ने 28 लाख रुपए आवंटित किए हैं। जमालपुर-खगड़िया रेलखंड के बीच में गंगा नदी पर श्रीकृष्ण सेतु बना हुआ है। इस योजना में सेतु को भी शामिल किया गया है। लेकिन सेतु पर सिंगल लाइन ही रहेगी।

अभी सिंगल लाइन होने से आ रही है दिक्कत

रेलवे के अनुसार जमालपुर से मुंगेर और खगड़िया दिशा से उमेश नगर तक लाइन का दोहरीकरण किया जाएगा। इसके बाद उमेश नगर के पास बरौनी-कटिहार रेल लाइन से जमालपुर रेल लाइन सीधे कनेक्ट होगी। रूट पर ट्रेनों की संख्या भी बढ़ेगी। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में निर्माण विभाग को पत्र भेजा है। जमालपुर-खगड़िया रेल सेक्शन के दोहरीकरण होने से न सिर्फ कनेक्टिविटी बढ़ेगी, बल्कि रेलवे को बेहतर विकल्प मिलेगा। अभी जमालपुर-खगडिय़ा मार्ग पर मालगाडिय़ों का परिचालन अधिक होता है। सिंगल लाइन की वजह से ट्रेनों और मालगाड़ियों को स्टेशनों पर रोक दिया जाता है।

क्षेत्र के विकास में बनेगा सहायक

बता दें कि जमालपुर-खगड़िया रेलखंड के रास्ते कोसी-सीमांचल, उत्तर बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वी राज्यों की दूरी कम है। ऐसे में इस रेलखंड को डेवलप करने के लिए रेलवे कवायद कर रही है। रेलवे यह मानकर चल रही है कि आने वाले वर्षों में यह रेलखंड बेहतर कनेक्टिविटी के साथ राजस्व देने वाला रेलखंड बनेगा। रेल लाइन के दोहरीकरण के बाद कई दिशाओं के लिए मेल और एक्सप्रेस जैसे ट्रेनों की संख्या भी बढ़ सकती है। दोहरीकरण के बाद ज्यादा से ज्यादा माल गाड़ी और पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन बढ़ेगा। क्षेत्र के विकास में भी काफी मदद मिलेगी।