दुर्गा पूजा खत्म होते ही अब दिवाली छठ का त्योहार काफी नजदीक आ गया है ऐसे में बिहार के बाहर रह रहे तमाम बिहार वासी छठ और दिवाली में घर आना चाहते हैं , काफी संख्या में लोग छठ और दिवाली में बिहार आते हैं ऐसे में ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट है कोई भी ट्रेन खाली नहीं है। इस सीजन में हवाई जहाज का भी किराया दुगना हो चुका है।

बिहार वासी भारत के कोने कोने में रहते हैं बिहारियों की बड़ी आबादी दिल्ली ,मुंबई ,कोलकाता ,चेन्नई ,बेंगलुरु जैसे महानगरों में रहती है और जैसा कि हमें पता है की छठ बिहार वासियों के लिए सबसे बड़ा पर्व होता है, ऐसे में तमाम बिहार वासी छठ में दिवाली के पूर्व से ही घर आना चाहते हैं, ट्रेनों की संख्या सीमित होने के चलते बहुत लंबी वेटिंग लिस्ट है ,कोई भी ट्रेन खाली नहीं है ,सब पहले ही फुल हो चुके हैं और हवाई जहाज से भी अगर आप आना चाहते हैं तो आप को दोगुना किराया देना होगा।ऐसे में बिहार वासियों के लिए मुसीबत बढ़ गई है।

बता दें कि 4 नवंबर को दिवाली का त्योहार मनाया जाएगा और इसके 6 दिन बाद बिहार का महापर्व छठ मनाया जाएगा दिल्ली मुंबई कोलकाता राज्यों से आने वाले बिहार वासियों को हवाई जहाज से आने के लिए 2000 से 3000 ज्यादा किराया लग रहा है। दिल्ली से बिहार के लिए जहां किराया 3000 से 5000 हुआ करता था अभी वहां 7000 से 8000 किराया चुकाना पड़ रहा है। कोलकाता से आ रहे लोगों को 2500 के जगह पर 5000 किराया चुकाना पड़ रहा है जिससे बिहार लौटने वाले लोगों के लिए मुसीबत बढ़ गई है।