भारतीय मौसम विभाग ने बिहार में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है. IMD ने प्रदेश के कुछ जिलों में तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना जताई है. इस दौरान ठनका (आकाशीय बिजली) गिरने की आशंका भी जताई गई है. बारिश के मौसम में ठनका की चपेट में आने से हर साल बड़ी तादाद में लोगों की मौत हो जाती है, ऐसे में मौसम विज्ञानियों ने बारिश के दौरान लोगों को सावधानी बरतने और घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है. बता दें कि आईएमडी समय-समय पर अलर्ट जारी करता रहता है, ताकि मौसम के तेवर को लेकर लोग भली-भांति अवगत रहें. गौरतलब है कि इस बार दक्षिण- पश्चिम मानसून में अभी तक औसत से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है. हालांकि, कुछ नदियों के उफनाने के चलते बिहार के उत्‍तरी हिस्‍सों में बाढ़ की समस्‍या उत्‍पन्‍न हो गई है. गंगा नदी का जलस्‍तर बढ़ने से सूबे के पूर्वी हिस्‍से के कुछ इलाकों में भी बाढ़ का पानी घरों और खेतों में आ गया है.

मौसम विभाग ने मंगलवार दोपहर 1 बजे तक के लिए अलर्ट जारी किया है. मौसम विज्ञानियों का कहना है कि बिहार के सीवान, सारण, भोजपुर और जहानाबाद में दोपहर 1 बजे तक बारिश हो सकती है. इस दौरान तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है. ठनका गिरने की आशंका भी जताई गई है. बरसात के मौसम में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से हर साल दर्जनों लोगों को जान गंवनी पड़ती है. ऐसे में मौसम विभाग ने आमलोगों को सलाह दी है कि बारिश के दौरान यदि बहुत ज्‍यादा जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें. इससे पहले मौसम विभाग ने 24 घंटे तक के लिए अलर्ट जारी किया था, जिसमें प्रदेश के विभिन्‍न हिस्‍सों में बारिश होने की संभावना जताई गई थी.

अभी तक औसत से कम बारिश

बिहार में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून की चाल सुस्‍त रही है. मानसून के बिहार में प्रवेश करने से पहले आईएमडी ने प्रदेश में सामान्‍य बारिश होने की संभावना जताई थी. शुरुआत में आईएमडी का पूर्वानुमान सही साबित होता हुआ दिखा भी, लेकिन उसके बाद मानसून की रफ्तार धीमी पड़ती गई. इस साल बरसात के सीजन में अभी तक लगातार अच्‍छी बारिश नहीं हुई है. बारिश न होने का असर सीधे तौर पर खेतीबारी पर पड़ा है. फसलों के रकबे में पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष कमी दर्ज की गई है.