बिहार में दिन प्रति दिन गाड़ियों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसी महीने प्रदेश में निबंधित कुल गाड़ियों की संख्या एक करोड़ के पार पहुंच गई है। ऐसे में सड़कों पर ट्रैफिक का भारी दबाव हो रहा है। खासकर दो लेन वाले स्टेट हाईवे पर अक्सर जाम की स्थिति पैदा हो जा रही है। ऐसे में सरकार ने कई स्टेट हाईवे के चौड़ीकरण का फैसला लिया है जो जरूररत से ज्यादा संकरी हैं। राज्य सरकार ने एशियन विकास बैंक (एडीबी) के सहयोग से 7 स्टेट हाईवे का चौड़ीकरण का फैसला लिया है। इन सभी स्टेट हाईवे के चौड़ीकरण से 9 जिलों को सीधा फायदा होगा।

पांच फीट तक बढ़ेगी चौड़ाई

इससे इन सड़कों की मौजूदा चौड़ाई में प्राय: पांच फीट का इजाफा होगा और यह 21 फीट हो जाएगी। इन सड़कों के निर्माण से प्रत्यक्ष तौर पर नौ जिलों को लाभ होगा। इन सड़कों के निर्माण के लिए एडीबी ने कर्ज देने की सहमति दे दी है। बिहार राज्य पथ विकास निगम इन सड़कों का चौड़ीकरण करेगा।

एडीबी ने 2303 करोड़ का दिया है कर्ज

बता दें कि एडीबी की सहायता से पहले भी राज्य की सड़कों का चौड़ीकरण हुआ है। पहले चरण में 824 किलोमीटर, दूसरे चरण में 628 किलोमीटर तो तीसरे चरण के पहले फेज में 231 किलोमीटर सड़कों का चौड़ीकरण हुआ है। अब तीसरे चरण के दूसरे फेज में 286 किलोमीटर लंबी इन सातों स्टेट हाइवे का चयन किया गया है। इस पर कुल 2727 करोड़ 34 लाख कुल खर्च होगा, जिसमें से एडीबी से कर्ज के तौर पर 2303 करोड़ मिले हैं।

इन 9 जिलों को होगा सीधा फायदा

आपको बताते चलें कि इन सड़कों के निर्माण से कटिहार, पूर्णिया, बांका, किशनगंज, सहरसा, खगड़िया, पश्चिम चम्पारण, नवादा और औरंगाबाद जिलों को लाभ होगा। दो लेन बनने वाली इन सड़कों की चौड़ाई कम से कम 21 फीट हो जाएगी। सड़कों की चौड़ाई बढ़ने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि जिन क्षेत्रों की ये सड़कें हैं वहां जाम से भी मुक्ति मिलेगी