यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से दुनिया के सभी देशों में हड़कंप मचा हुआ है. कई सारे भारतीय बच्चे यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करते हैं. रूस और यूक्रेन की सेनाओं के बीच हो रही जंग में भारतीय बच्चे भी फंसे हुए हैं. भारत सरकार ऑपरेशन गंगा के तहत भारतीय बच्चों को वहां से निकाल रही है. यूक्रेन से अब तक 60 प्रतिशत भारतीय बच्चे वतन वापसी कर चुके हैं. देश वापस लौटे बच्चों में राशिद इरफानी का भी नाम शामिल है. राशिद बिहार के रहने वाले हैं. अपने घर पहुंचकर राशिद ने अपनी आपबीती सुनाई. 

इसके अलावा राशिद ने बताया कि उसने कई पाकिस्‍तानी छात्रों को अपनी जान बचाने के लिए भारतीय झंडा लगे वाहनों में सवार होते देखा. वैसे तो पाकिस्‍तानी भारत और भारत के तिरंगे को पसंद नही करते हैं. पर जब बात जान पर आई तो पाकिस्‍तानी छात्रों को तिरंगे ने बचाया. यूक्रेन से ऐसी कई रिपोर्ट सामने आई हैं. जिनमें ये बताया जा रहा है कि पाकिस्‍तानी छात्रों के अलावा तुर्की के भी कई छात्रों ने अपनी जान बचाने के लिए तिरंगे का सहारा लेकर यूक्रेन बॉर्डर तक पहुंचे हैं. रूस की सेना यूक्रेन की राजधानी कीव से कुछ ही दूर पर है. रूस की वायु सेना राजधानी कीव पर मिसाइलों से हमला कर रही हैं.

राशिद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उसके कई दोस्त अभी भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं. वे लगातार मदद की गुहार लगा रहे हैं. इरफानी के मुताबिक पाकिस्तानी छात्र भी भारतीय झंडा लगे वाहनों में चढ़ कर यूक्रेन बार्डर तक पहुंच रहे हैं. राशिद ने यूक्रेन के पड़ोसी देश रोमानिया का जिक्र करते हुए बताया कि वहां पर माइनस पांच डिग्री तापमान में भी एनजीओ शरणरशियों के लिए बेहतर प्रबंध कर रहे हैं. लोगों के खाने-पीने और गर्म कपड़ों की व्यवस्था भी कर रहे हैं.