बिहार में आज 14 वर्षों से हो रहा इंतज़ार ख़त्म होने जा रहा है, बिहार के मुंगेर जिले में निर्मित रेलवे सह सड़क पूल आज से जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस पूल के शुरू होने के कई महत्वपूर्ण फ़ायदे है। आज इस रेलवे सह सड़क पूल का उद्घाटन बिहार के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के अलावा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी इस कार्यक्रम से जुड़ेंगे 2003 में प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेई ने इस पुल का शिलान्यास किया था, उस वक्त नीतीश कुमार रेल मंत्री हुआ करते थे।

दोनों पुल के शुरू होने से जहां मुंगेर का संपर्क सीधा उत्तर बिहार कोसी और सीमांचल जिलों से होगा वहीं दूसरी तरफ घोरघाट पुल के शुरू होने से भागलपुर जिले का संपर्क मुंगेर होते हुए सीधा पटना से स्थापित हो जाएगा। भागलपुर वासियों को इन पुलों के शुरू होने का सबसे बड़ा लाभ मिलने वाला है।

जानकारी के लिए आपको बता दें की मुंगेर के रेलवे सह सड़क पूल का रेलवे वाला हिस्सा पहले ही शुरू किया जा चुका है जिससे ट्रेनों का आवागमन होता है यह नया पुल मुंगेर को बेगूसराय जिले से जुड़ेगा यहां एनएच 80 एनएच 31 से मिलेगा फिलहाल मुंगेर से बेगूसराय जाने के लिए भागलपुर के नवगछिया होते हुए जाना पड़ता था जिसके वजह से विक्रमशिला सेतु पर भी काफी दबाव पड़ता है। क्योंकि मोकामा स्थित राजेंद्र सेतु पर भारी वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया गया है, इस पूल के शुरू होने से विक्रमशिला सेतु पर दबाव घटेगा तथा, इसके अलावा अब बेगूसराय से देवघर तक जाना और आसान हो जाएगा क्योंकि यह पुल बेगूसराय को सीधा देवघर से जोड़ेगा।

आज का यह उद्घाटन इस वजह से ऐतिहासिक होने वाला है क्योंकि एनएच 80 का मिलन एनएच 31 से होने वाला है इस नए पुल की कुल लंबाई लगभग 3.75 किलोमीटर है जबकि इसके अप्रोच रोड का लंबाई लगभग 14.517 किलोमीटर है। इस पुल के बन जाने से मुंगेर जिले से बिहार के अन्य जिलों को भी बड़ा लाभ मिलने वाला है क्योंकि मुंगेर जिले से सहरसा दरभंगा मधुबनी समस्तीपुर मुजफ्फरपुर की दूरी सौ से डेढ़ सौ किलोमीटर कम हो जाएगी। जिसके परिणाम मुंगेर में व्यवसाय के नए-नए और व्यवसाय शुरू होंगे तथा नए नए उद्योग भी शुरू होंगे।