ऑपरेशन गंगा के तहत यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को भारत लाने का सिलसिला जारी है। ऑपरेशन गंगा की पांचवीं फ्लाइट जब दिल्ली एयरपोर्ट पहुंची तो छात्रों का जोर शोर से स्वागत हुआ। मां बाप, दोस्त, परिवार सुबह से टकटकी लगाए अपने परिजनों के बाहर आने का इंतजार करते दिखे। कोई गुलदस्ते तो कोई फूल माला लिए इन छात्रों का इंतजार कर रहा था।

छात्रों के आने के बाद परिवार गले लगकर रोने लगे, सभी ने भारत सरकार का किया शुक्रिया

यूक्रेन से वापस आये छात्र वहां के हालात बताते हुए भावुक हो गए। छात्रों ने बताया कि उनके घर के आसपास ही बमबारी हो रही थी। उम्मीद नहीं थी कि बच पाएंगे, वहां से निकलना तो बहुत दूर की बात थी। एक छात्रा बताती हैं कि रोमानिया बॉर्डर पर हजारों बच्चे घर जाने के लिए दो दिन से खड़े हैं। छात्रों में धक्कामुक्की हो रही है। ना खाने की सुविधा है ना पानी की। बेसिक सुविधाएं ना होने की वजह से छात्रों को नरक जैसे हालातों से गुजरना पड़ रहा है। वापस आये छात्र अब अपने उन साथियों के लिए चिंता में हैं जो अभी भी वहां फंसे हुए हैं।

आज भारत लौटे छात्रों के परिजन बेहद खुश और भावुक नजर आए। एक छात्र की मां बताती हैं कि चिंता की वजह से परिवार ना तो खाना खा पा रहा था और ना ही सो पा रहा था। आज बेटा वापस लौट आया है तब जाकर सुकून मिला है। भारत सरकार का बहुत शुक्रिया है जिन्होंने हमें बच्चों से मिलवा दिया।