पटना: केंद्रीय मंत्री सह बिहार बीजेपी के प्रभारी भूपेंद्र यादव (Bihar BJP in-charge Bhupendra Yadav) पटना पहुंचे। भारी संख्या में बीजेपी के नेताओं ने पटना एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किय। इस दौरान केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि बिहार एमएलसी चुनाव में बीजेपी को मिली सफलता (Bihar MLC elections) कार्यकर्ताओं की जीत है। इस जीत के लिए हम अपने कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं और धन्यवाद देते हैं। भूपेंद्र यादव आज बिहार बीजेपी द्वारा पटना के बापू सभागार में आयोजित सम्राट अशोक जयंती (Samrat Ashoka Jayanti) में भाग लेंगे।

बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं की हो सकती है बैठक:

भूपेंद्र यादव बिहार बीजेपी के प्रभारी भी हैं, इसलिए कयास लगाये जा रहे हैं कि बीजेपी के बड़े नेताओं के साथ वह आज बैठक भी कर सकते हैं। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल (BJP State President Sanjay Jaiswal), उपमुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद सहित कई बड़े नेता आज पटना में मौजूद रहेंगे। खबर आ रही है कि बीजेपी बिहार में अपने मंत्रियों को बदलना चाहती है। इन बिंदुओं पर भी आज भूपेंद्र यादव के साथ प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल और उपमुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद की बैठक हो सकती है।

पटना में बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी:

इसलिए भूपेंद्र यादव के पटना आते ही बीजेपी में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। बिहार सरकार में भाजपा कोटे से मंत्री और पार्टी के विधायक राजधानी पटना में ही जमे हुए हैं। उम्मीद है कि भूपेंद्र यादव आज पार्टी कार्यालय में कार्यक्रम के बाद विधायकों और मंत्रियों के साथ बैठक भी कर सकते हैं।

बीजेपी आज राजधानी पटना के सम्राट अशोक कन्वेंशन हॉल के बापू सभागार में सम्राट अशोक की जयंती (Samrat Ashoka birth anniversary on April 8) मनाएगी। बीजेपी ने इस जयंती समारोह में 25 हजार लोगों के शामिल होने का दावा किया है। इसमें बिहार बीजेपी के विधायक, मंत्री और कई केंद्रीय मंत्री शामिल होंगे। इसके साथ ही यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी इस समारोह में शिरकत करेंगे।

BJP करेगी भव्य आयोजन:

इस कार्यक्रम में बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, नित्यानंद राय और संजय जयसवाल मौजूद रहेंगे। भारतीय जनता पार्टी पूरे बिहार से कुशवाहा समाज के लोगों को जुटाने की तैयारी कर रही है। बीजेपी कई सालों से सम्राट अशोक की जयंती मना रही है। कोरोना के कारण 2 साल ये कार्यक्रम नहीं हो सका था। पहली बार 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्राट अशोक पर डाक टिकट जारी किया था। बीजेपी नेताओं का कहना है कि वे ऐसे महान शासक को जयंती के माध्यम से याद कर अगली पीढ़ी को उनकी शौर्य गाथा बताने का काम करेंगे।

वोट बैंक साधने की कोशिश:

राजनीतिक जानकार भी कहते हैं कि 2024 और 2025 की तैयारी में बीजेपी लग गई है। इसलिए बीजेपी इस बार बड़े स्तर पर कार्यक्रम कर रही है। जयंती के बहाने वोट बैंक को साधने की पूरी कोशिश होगी। जेडीयू और बीजेपी एनडीए गठबंधन में होने के बावजूद सम्राट अशोक की जयंती अलग-अलग मना रही है, क्योंकि दोनों दलों की नजर उस वर्ग के वोट बैंक पर है। सम्राट अशोक की जयंती के बहाने कुशवाहा वोट बैंक को साधने की कोशिश होगी। बीजेपी सम्राट अशोक की जयंती के जरिए 2024 के लिए मैसेज देने की कोशिश करेगी।