जदयू संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने रविवार को कहा बिहार से बाहर रहने के कारण इन दिनों मेरे बारे में अनाप-शनाप व भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। यह कहा जा रहा कि मैं मंत्री पद नहीं मिलने से नाराज हूं। अनर्गल बातों को हवा देने वाले लोगों को यह मालूम होना चाहिए कि अपने राजनीतिक जीवन में कभी भी पद नहीं मिलने को लेकर मैंने कोई नाराजगी नहीं जताई। इसके ठीक विपरीत अपनी नाराजगी जताने के लिए बड़े-बड़े पदों को लात जरूर मारी है। 

उपेंद्र ने कहा कि इतिहास गवाह है कि मेरे लिए पद नहीं, मिशन बड़ा है। आइडियोलाजी (विचारधारा) बड़ी है। इसी आइडियोलाजी को बर्बाद करने के हो रहे षड्यंत्र को असफल करने के एक खास मिशन से मैंने अपनी पार्टी (राष्ट्रीय लोक समता पार्टी) का जदयू में विलय किया। हमारे सभी साथियों का यह निष्कर्ष था और है कि राज्य ही नहीं, पूरे देश के स्तर पर नीतीश कुमार एकमात्र कर्मठ, अनुभवी एवं साफ छवि के नेता हैं, जिनके नेतृत्व में इस विचारधारा को बचाया जा सकता है।

उपेंद ने कहा कि यह बात मैं एलानिया तौर पर कहना चाहता हूं कि आज की तारीख में पार्टी संगठन के लिए काम करना हमारे लिए सबसे बड़ा धर्म है। ऐसे में मेरा प्रश्न जाने बिना जो लोग यह कह रहे कि मैं मंत्री नहीं बनने से नाराज हूं, वे लोग मुझ पर कृपा करें।