यूपीएससी परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है। इस परीक्षा के लिए अभ्यार्थी लाखों रुपए खर्च करके कोचिंग संस्थानों में दाखिला लेते हैं। वहीं, कुछ ऐसे भी होते हैं जो बिना किसी कोचिंग के मदद के यूपीएससी परीक्षा को पास लेते हैं। आज हम आपको जिस आईएएस अधिकारी के बारे में बताने जा रहे उन्होंने कोचिंग का सहारा लिए बिना इस कठिन परीक्षा को पास किया। इस आईएएस अधिकारी का नाम सर्जना यादव है।

सर्जना उन युवाओं के लिए प्रेरणा हो सकती हैं जो यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग को सबसे ज्यादा जरूरी समझते हैं। आइए जानते हैं उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षा को कैसे पास किया।

कौन हैं आईएएस सर्जना यादव

सर्जना यादव बिहार के वैशाली जिले की रहने वाली हैं। वो एक मिडिल क्लास परिवार से ताल्लुक रखती है। उनके पिता एक आईईएस अधिकारी थे। पिता की तरह सर्जना भी एक अधिकारी बनना चाहती थी। इसलिए वो काफी मेहनत से ही पढ़ाई करती थी। सर्जना शुरुआत से ही पढ़ाई में काफी अच्छी थी।

हाईस्कूल और इंटरमीडएट की पढ़ाई के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग कि पढ़ाई की। उन्होंने दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से अपनी ग्रेजुएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद ट्राई (टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया) में रिसर्च अधिकारी के तौर पर कुछ दिनों तक काम भी किया। इस दौरान ही उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी।

यूपीएससी परीक्षा में दो बार मिली असफलता

ट्राई में नौकरी के दौरान उन्होंने 2 बार यूपीएससी परीक्षा दी. लेकिन उन्हें इस परीक्षा में सफलता नहीं मिल सकी। एक साक्षत्कार में उन्होंने बताया की नौकरी के दौरान वह पढ़ाई पर पूरी तरह फोकस नहीं कर पा रही थी। इस वजह से वह इस परीक्षा को पास नहीं कर पाई। कुछ दिन बाद सर्जना ने ट्राई की नौकरी से इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद साल 2018 से पूरे फोकस के साथ यूपीएससी की तैयारी करने लगी। वह कहती हैं कि उन्हें अपने आप पर भरोसा था इसलिए उन्होंने कोचिंग का सहारा न लेने का फैसला किया।

उनका मानना है कोचिंग के दौरान आपका नजरिया बदल जाता है और सामान्य छात्रों की तरह आप भी सोचने लगते हैं। इसलिए उन्होंने कोचिंग ना करने की बजाय self-study से ही पढ़ाई करने का विचार किया।

126वीं रैंक हासिल कर बनी आईएएस अधिकारी

सर्जना यादव ने सेल्फ स्टडी कर यूपीएससी परीक्षा पास की. उन्होंने इस परीक्षा में 126वीं रैंक हासिल की. जिसके बाद उन्हें आईएएस अधिकारी का पद मिल गया. सर्जना सेल्फ स्टडी से पढ़ाई करने वाले युवाओं के लिए प्रेरणा हैं. एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया था कि सेल्फ स्टडी से पढ़ाई करने के लिए जरूरी है कि एनसीआरटी की किताबों को अच्छी तरह से पढ़ लेना चाहिए. वहीं सिलेक्टेड किताबों से पढ़ाई करने से समय कि बचत होती है और नोट्स जो बहुत ज़रूरी लगे उन्हीं के बनाने चाहिए. ये परीक्षा युवाओं के धैर्य, सामाजिक विषयों पर उनकी राय और सामान्य ज्ञान के पैमानों पर होती है.