जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में शनिवार की शाम एलओसी से सटे चौकी के पास गश्ती दौरान जोरदार विस्फोट में एक अधिकारी सहित सेना के दो जवान शहीद हो गए थे। इसमे बिहार के बेगूसराय के रहने वाले लेफ्टिनेंट ऋषि रंजन भी शामिल थे। सोमवार को शहीद ऋषि रंजन को राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। शहीद ऋषि रंजन के पिता राजीव रंजन ने मुखाग्नि दी। बेगूसराय के सिमरिया गंगा तट पर अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और शाहनवाज हुसैन भी पहुंचे थे।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि शहीद ऋषि की शहादत को लेकर बिहार और बेगूसराय के युवाओं में गुस्सा है। ऋषि का परिवार एक ऐसा परिवार था कि उनके घर से पांच-पांच लोग राष्ट्र की सेवा में सेना में थे। उनकी शहादत बेकार नहीं जाएगी। पाकिस्तान की कायराना हरकत को लोगों ने देखा है। वहीं शाहनवाज हुसैन ने कहा कि हम सभी शहीद के परिवार के साथ है। इसका जवाब मिलेगा। जो लोग इसमें शामिल है उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।

मां-बाप का इकलौता पुत्र था ऋषि

बता दें कि राजीव रंजन सिंह और सरिता देवी के बेटे ऋषि बेगूसराय के पिपरा मोहल्ला के रहने वाले थे। उनका पूरा परिवार वही रहता है। ऋषि तीन भाई बहनों में दूसरे नंबर पर था। एक महीने पहले ही पोस्टिंग हुई थी। शहीद लेफ्टिनेंट की बड़ी बहन भी सेना में मेजर है। ऋषि परिवार का इकलौता पुत्र था। अधिकारियों की मानें तो रोज की तरह सेना की एक टुकड़ी सीमा पार से आतंकवादियों की घुसपैठ को रोकथाम संबंधी उपायों का जायजा लेने के लिए गस्ती कर रही थी। उसी समय नौशेरा सेक्टर के कलाल इलाके में धमाका हुआ, जिसमें बेगूसराय के रहने वाले लेफ्टिनेंट कुरेशी शहीद हो गए।