नई दिल्ली। खबर है कि अडानी समूह ने NDTV के 29.18 फीसद शेयर खरीदने जा रही है। इसके अलावा कंपनी के 26 फीसद शेयर के लिए ओपन ऑफर लॉन्च किए जाएंगे। अडानी ग्रुप की मीडिया कंपनी एएमजी मीडिया नेटवर्क्स लिमिटेड यह डील करने जा रही है। एएमजी मीडिया नेटवर्क्स लिमिटेड (AMML) अडानी ग्रुप की मीडिया कंपनी है। एएमएमएल एडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) की 100 फीसदी सब्सिडियरी कंपनी है। इसके अलावा एएमएमएल की एक पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लमिटेड (VCPL) है। वीसीपीएल एनडीटीवी की एक प्रमोटर ग्रुप कंपनी आरआरपीआर होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड के 99.5 फीसदी इक्विटी शेयर्स के अधिग्रहण की तैयारी कर रही है। अभी यह खबर खासा सुर्खियों में है। सोशल मीडिया समेत मुख्तलिफ मंचों पर इस खबर की चर्चा अभी अपने चरम पर पहुंच चुकी है, लेकिन इस बीच यहां गौर करने वाली बात है कि सोशल मीडिया पर इस खबर के प्रकाश में आने के बाद प्रतिक्रियाओं का सैलाब उमड़ता हुआ नजर रहा है। लेकिन, इस बीच सोशल म़ीडिया पर एनडीटीवी और अडागी ग्रुप से ज्यादा अगर किसी की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, तो वो हैं एनडीटीवी के प्राइम टाइम एंकर रवीश कुमार की।

जी हां….अभी सोशल मीडिया पर रवीश कुमार की चर्चा चरम पर पहुंच चुकी है। सोशल मीडिया पर लोग रविश का जमकर मजाक उड़ा रहे हैं। तरह-तरह के मीम्स अभी खासा सुर्खियां बटोर रहे हैं। अब आप यह समझ लीजिए कि यहां अडानी ग्रुप द्वारा एनडीटीवी के शेयर खरीदने की खबर आई है, तो वहीं रवीश कुमार के नाम पलक झपके ही मीम्स का सैलाब अपने चरम पर पहुंच गए। इतना ही नहीं, अडानी ग्रुप द्वारा एनडीटीवी की शेयर खऱीदने की खबर के प्रकाश में आने के बाद अब तो लोग रवीश कुमार से यह सवाल करते हुए नजर आ रहे हैं कि आखिर अब वे क्या करेंगे। इतना ही नहीं, कुछ लोग तो सोसल मीडिया पर यह भी कह रहे हैं कि अब वे क्या करेंगे। क्या वे अब पत्रकारिता से रूखसत होने की तैयार कर रहे हैं। चलिए, अब आप पूरा विस्तार से तो समझ चुके हैं, तो आइए अब आपको सोशल मीडिया के पूरे मिजाज के बारे में सबकुछ विस्तार से दिखाते हैं।

यहां देखिए सोशल मीडिया का पूरा मिजाज

तो बतौर पाठक इस पूरे मसले से रूबरू होने के बाद आपका क्या कहना है। आप हमें कमेंट कर बताना बिल्कुल भी मत भूलिएगा। अब ऐसे में अब आपको क्या लगता है कि क्या उनके पत्रकारिता के रूख में किसी भी प्रकार का परिवर्तन दिखेगा, चूंकि हम सभी रवीश कुमार की पत्रकारिता की रीति नीति से वाकिफ हैं। तो अब जब अडानी ग्रुप एनडीटीवी के शेयर को खऱीदने का जा रहा है, तो क्या एनडीटीवी की संपादकीय नीति में किसी भी प्रकार का परिवर्तन दिखेगा। यह देखने वाली बात होगी।